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यमुना नदी का उद्गम स्थल कहां पर है

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यमुना नदी का उद्गम स्थल कहां पर है

यमुना नदी का उद्गम स्थल कहां पर है

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यमुना का उदगम् यमनोत्री (उत्तराखंड) में होता है तथा यह हिमाचल में खादरमांजरी (सिरमोर) नामक स्थान पर हिमाचल में प्रवेश करती है तथा ताजेवाला के पास हिमाचल को छोड़कर हरियाणा में प्रवेश करती है। यह क्यारदा दून को देहरादून से अलग करती है। मान्यता के अनुसार इसका संबंध सूर्य से है।

यह हिमाचल और उत्तराखण्ड के मध्य पूर्वी सीमा पर बहती है तथा 22 कि, मी. सीमा बनाती


टौंस, पब्बर, गिरी, बॉटा, जलाल आदि इसकी मुख्य सहायक नदियाँ हैं। 
 
टोंसः यह यमुना की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह देहरादन घाटी में कालसी नामक स्थान पर यमुना में मिलती है। यह नदी सुपिन और रुपिन नामक जलधाराओं से मिलकर बनती है। यह दोनो नदियों उतराखण्ड के नेटवाड़ में मिलती है।  
 
गिरीः इसे गिरी या गिरीगंगा भी कहा जाता है। यह शिमला के जुब्बल नगर के ऊपर कुपड़ चोटी से उत्पन्न होती है यह सिरमौर जिले को सिसगिरी तथा ट्रांसगिरी दो भागों में बांटती है तथा सिरमौर में बहती हुई मोकमपुर स्थान मे यमुना में मिलती है। 
 
जलालः यह गिरी नदी की सहायक नदी है जो सिरमौर की धारटी श्रेणी से निकलती है।  
 
मारकण्डाः यह क्यारदा दून घाटी से निकलती है। इसके तट पर नाहन बसा हुआ है। 

आंध्रा: यह पब्बर की सहायक नदी है। जो शिमला के चिड़गांव से निकलती है। 

अस्नीः यह गिरी की सहायक नदी है। 
 
बाटाः यह नाहन चोटी के तल पर उत्पन्न होती है जिसे जलमूसा का नाला कहा जाता है।  
 
पब्बरः यह टौंस की सहायक नदी है, जो शिमला के चन्द्रनाहन झील से निकलती है। 
 
पटसारी: यह पब्बर की सहायक नदी है, यह निचले हिमालय की पहाड़ियों में खड़ापत्थर नामक स्थान से निकलती है जो शिमला जिलें में है।